छत्तीसगढ़

SECL खदान विस्तार पर ग्रामीणों का हमला, पोकलेन ड्राइवर और मैनेजर घायल

Shantanu Roy
1 Oct 2025 11:09 PM IST
SECL खदान विस्तार पर ग्रामीणों का हमला, पोकलेन ड्राइवर और मैनेजर घायल
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छग
Surguja. सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में SECL के अमेरा खदान के विस्तार को लेकर ग्रामीणों और माइनिंग कंपनी के बीच विवाद गंभीर रूप ले लिया। खदान क्षेत्र में मिट्टी खनन को लेकर नाराज ग्रामीणों ने पोकलेन ड्राइवर और कंपनी मैनेजर पर हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विवाद की पृष्ठभूमि
अमेरा माइंस का विस्तार SECL की ओर से कराए जा रहे खनन कार्य के तहत किया जा रहा है। पिछले एक माह से SECL के अधिकारी और पुलिस बल ग्रामीणों की खड़ी फसल में मशीनें चलाने के लिए तैनात थे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों ने न तो मुआवजा लिया है और न ही नौकरी प्राप्त हुई है। यह जमीन साल 2005 में अधिगृहीत की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि SECL और ठेका कंपनी ने उनकी फसल और जमीन का कोई ध्यान नहीं रखा, जिससे उनके Livelihood पर सीधा असर पड़ा। इस विवाद को लेकर ग्रामीण लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
हिंसक घटना
बुधवार को मिट्टी खुदाई के दौरान करीब 150 ग्रामीण लाठी, डंडे और लोहे की छड़ लेकर मौके पर पहुंचे। खदान विस्तार में लगे पोकलेन ड्राइवर मुनेंद्र पटेल ने मशीन चलाना जारी रखा, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने मुनेंद्र पटेल को घेरकर जमकर पीटा। बीच-बचाव करने आए कंपनी मैनेजर राघवेंद्र पांडे पर भी हमला हुआ, जिससे उनका सिर फट गया। दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि मशीनों के चलते उनकी खड़ी फसल क्षतिग्रस्त हो रही थी। उन्होंने जमीन न देने और मुआवजा न मिलने का विरोध जताते हुए हिंसक कदम उठाया।
SECL और ठेका कंपनी की प्रतिक्रिया
SECL ने खदान विस्तार का कार्य निजी कंपनी को सौंपा है। कंपनी का दावा है कि यह जमीन अधिगृहीत है और खनन नियमों के तहत काम किया जा रहा है। पोकलेन मशीन से मिट्टी हटाने का काम ठेका कंपनी द्वारा किया जा रहा था। SECL का कहना है कि खदान का विस्तार सरकारी प्रक्रिया के अनुसार हो रहा है। कंपनी ने बताया कि पोकलेन ऑपरेटर ने अपने कर्तव्यों का पालन किया, लेकिन ग्रामीणों ने हमला किया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद लखनपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। घायलों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस अब पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात करने और तनाव को कम करने की कोशिश कर रही है।
ग्रामीणों की नाराज़गी के कारण
ग्रामीणों का गुस्सा खदान विस्तार के कारण उनके अधिगृहीत जमीन और फसल के नुकसान को लेकर है। वे न तो मुआवजा चाहते हैं और न ही नौकरी। उनका आरोप है कि SECL और ठेका कंपनी उनकी जमीन का सम्मान नहीं कर रही। यह विवाद लंबे समय से चल रहा है और हाल ही में हिंसा में तब्दील हुआ। घटना के बाद अमेरा खदान क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोग और ग्रामीण सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ खड़े हैं। प्रशासन ने दोनों पक्षों को शांत रहने और स्थिति को बिगाड़ने से बचने की चेतावनी दी है।
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